ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों और अस्थिर हालात के बीच वहां फंसे भारतीयों को लेकर परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। भारत सरकार की ओर से ईरान छोड़ने की सलाह जारी किए जाने के बीच गोंडा नगर के शास्त्रीनगर तोपखाना निवासी एक ही परिवार के आठ सदस्य ईरान में फंसे हुए हैं। यहां उनके परिजन दिन-रात उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। शास्त्रीनगर तोपखाना निवासी शबाहत हुसैन ने बताया कि उनके छोटे भाई फसाहत हुसैन, पत्नी ऐनुल हुदा काज़मी, बेटियां इंसिया जैनब, ताहिरा जैनब, बहन मेराज फातिमा, बहनोई मो. हसन, बेटे रज़ा हुसैन और मो. हुसैन पिछले करीब 20 वर्षों से ईरान में रह रहे हैं। सभी धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ पीएचडी की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले बहन मेराज फातिमा से बात हुई थी, जिन्होंने हालात को तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताया था। फिलहाल हवाई सेवाएं बंद हैं और अब पूरी तरह से संपर्क भी टूट गया है। फसाहत हुसैन के पिता इशरत हुसैन ने बताया कि ईरान के हालात की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से मिल रही है। बेटे से अंतिम बातचीत में उसने किसी प्रकार की परेशानी न होने की बात कही थी। इशरत हुसैन ने कहा कि ईरान में हालात पेंचीदा हैं और चारों ओर से दबाव बना हुआ है। सभासद फहीम सिद्दीकी ने बताया कि ईरान में फंसे लोगों को स्वदेश लाने के लिए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रयास किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री से मुलाकात कर मामले को उनके संज्ञान में लाया जाएगा।