गोंडा। जिले में भवन और मकानों की गणना का काम तेज हो गया है। प्रगणक गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों से मकानों और सुविधाओं से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं। “फर्श कैसी है?”, “दीवारें कच्ची हैं या पक्की?” जैसे सवाल इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। बेलवा नोहर समेत कई गांवों और मजरों में प्रगणकों ने लेखपालों और ग्राम प्रधानों की मदद से अपने-अपने क्षेत्रों की चौहद्दी तय कर नजरी नक्शा तैयार किया। इसके बाद एचएलओ ऐप के जरिए डाटा फीडिंग का काम शुरू किया गया। जिला जनगणना प्रभारी विनीत मिश्र ने बताया कि जिले को कुल 6089 मकान सूचीकरण खंडों में विभाजित किया गया है।