देवीपाटन मंडल के गोंडा जिले में 1821 बसावटों और मजरों को विद्युतीकरण से जोड़ने की तैयारी पावर कॉर्पोरेशन ने शुरू कर दी है। योजना के तहत उन बसावटों में बिजली पहुंचाई जाएगी, जहां कम से कम छह परिवार विद्युत कनेक्शन लेने के लिए तैयार होंगे। इसके लिए जिला प्रशासन के माध्यम से ग्राम प्रधानों से सहयोग मांगा गया है। कई ऐसे मजरे हैं जहां गांव से दूर सड़क किनारे लोगों ने घर बना लिए हैं, लेकिन अब तक बिजली सुविधा नहीं पहुंच सकी है। इन इलाकों को रोशन करने के लिए सरकार की ओर से आरडीएसएस (एलओएच) योजना लागू की गई है। गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में सर्वे कराकर अविद्युतीकृत बसावटों की सूची तैयार की गई है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और विक्रांत कंपनी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि योजना की गाइडलाइन के अनुसार किसी मजरे में छह या उससे अधिक विद्युत संयोजन होने पर ही विद्युतीकरण कराया जाएगा। हालांकि कई जगह लोगों की अनिच्छा के कारण कार्य लंबित पड़ा है। इसको देखते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने ऐसे मजरों की सूची उपलब्ध कराने और ग्राम स्तर पर जागरुकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि विद्युतीकरण पूर्ण, अविद्युतीकृत और प्रगति पर चल रहे मजरों की सूची जारी कर दी गई है। ग्राम प्रधानों, सचिवों, एडीओ पंचायत और खंड विकास अधिकारियों को विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक परिवारों को कनेक्शन दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए गांवों में विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।