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सरसों के खेत में मटर खाकर और हैंडपंप का पानी पीकर काटी रात, गोंडा में लापता रहे चार बच्चों की कहानी

यूपी के गोंडा में खोड़ारे के ढढवा कुतुब जोत गांव में बुधवार को सब सामान्य रहा। इससे पहले इसी गांव मंगलवार दोपहर तक सनसनी और दहशत फैली थी। लापता चार मासूम बच्चे सरसों के खेत में मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, भूख और प्यास से बेहाल बच्चों ने रात भर पास के खेत से मटर तोड़कर खाई। बगल में लगे हैंडपंप का पानी पीकर किसी तरह खुद को संभाले रखा। ग्रामीणों ने बताया कि, चारों बच्चे एक ही जगह सिमटकर सोए हुए थे। सोमवार शाम करीब 6 बजे से लापता इन बच्चों की तलाश में परिजन पूरी रात भटकते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार दोपहर करीब 12:45 बजे कड़ी धूप के बीच सरसों के खेत में हलचल हुई। पास में कपड़ा धो रही एक महिला की नजर अचानक एक बच्चे के सिर पर पड़ी। उसे शक हुआ तो उसने शोर मचा दिया। हल्ला सुनते ही ग्रामीण दौड़ पड़े। खेत में जाकर देखा तो चारों बच्चे एक साथ पड़े थे। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां मेडिकल जांच के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। गांव का माहौल शांत था। बच्चे परिजनों के साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए गए हुए थे। बुधवार को बातचीत के लिए बुलाए गए परिजनों की आंखों में राहत साफ झलक रही थी। कृष्ण की मां सोनी ने बताया कि हमने बच्चों को डांटा नहीं था, न ही किसी ने उन्हें बुलाया था। सोमवार शाम से वह गायब थे। मंगलवार दोपहर बाद जब सकुशल लौटे तो जान में जान आई। वहीं विश्व प्रताप की मां नंदिनी ने कहा कि परिवार और गांव के लोग पूरी रात बच्चों को ढूंढते रहे। “दूसरे दिन जब बच्चे मिल गए, वही हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी है।” एक रात और आधा दिन खेतों में बिताने वाले इन मासूमों की सकुशल वापसी ने गांव में राहत जरूर दी है, लेकिन घटना ने परिजनों की चिंता भी बढ़ा दी है।

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