जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर शुक्रवार को डीएम नेहा शर्मा ने जिले में पांच चौपाल लगाकर जनसमस्याएं सुनीं। जानकीनगर, पारासराय, धानेपुर सहित अन्य गांवों में पहुंचकर समस्याओं को सुनकर उसके निराकरण का निर्देश दिया। साथ ही चौपाल को लेकर लोगों को जानकारी दी। जिलाधिकारी ने कहा है कि ग्राम चौपाल अब केवल औपचारिक मंच नहीं है, बल्कि यह शासन की जमीनी प्राथमिकताओं का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें उपस्थिति, सक्रिय सहभागिता और समाधान-प्रधान कार्यशैली अनिवार्य है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे न केवल समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें, बल्कि दायित्वबोध के साथ जनसमस्याओं का समाधान भी करें। इस तरह हो रहा निराकरण केस-टू-केस समीक्षा अनिवार्य: प्रत्येक ग्राम चौपाल से पहले, उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को संबंधित प्रकरणों की केस-टू-केस समीक्षा करनी होगी। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई की स्थिति में उत्तरदायित्व तय कर कार्रवाई की जाएगी। योजनाओं से वंचितों को प्राथमिकता से जोड़ा जाए: खंड विकास अधिकारी और संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जो पात्र परिवार अब तक लाभार्थीपरक योजनाओं से वंचित हैं, उनका चिन्हीकरण कर आवेदन प्राप्त किए जाएं और नियमानुसार त्वरित निस्तारण हो। नोडल अधिकारियों को निरीक्षण और रिपोर्टिंग का अधिकार: ग्राम भ्रमण के दौरान नोडल अधिकारी आदेशों के अनुपालन की समीक्षा और रिपोर्टिंग करेंगे। किसी भी कर्मचारी द्वारा निर्देशों की अवहेलना की स्थिति में तत्काल संस्तुति सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।