गोंडा: जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) लालजी दूबे मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में वेंकटाचार्ज क्लब में विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। सेवानिवृत्ति के अवसर पर लालजी दूबे ने कहा कि गोंडा में उनका तीन वर्ष 10 माह का कार्यकाल कब बीत गया, इसका अहसास ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग में उन्होंने हमेशा परिवार की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। पूरे कार्यकाल के दौरान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर सहयोग किया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों, कार्यालय कर्मियों, खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ), ग्राम प्रधानों तथा आमजन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतिम दिन विभाग रूपी परिवार को छोड़ने का दुख महसूस हो रहा है। लालजी दूबे ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 1994 में बतौर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) सेवा की शुरुआत की थी। करीब 33 वर्षों की सेवा के दौरान पंचायतीराज विभाग में व्यापक बदलाव देखने को मिले। उन्होंने कहा कि अब तकनीक का उपयोग बढ़ा है और योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता आई है। यदि योजनाओं को पूरी ईमानदारी और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जाए तो उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकता है। मूल रूप से जौनपुर जिले के मछलीशहर क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत माधवपुर इमिलिया के निवासी लालजी दूबे ने अपनी शिक्षा जौनपुर और वाराणसी से प्राप्त की। उन्होंने सेवानिवृत्ति के अवसर पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।