गंगा नदी पर स्थित 41 वर्ष पुराने हमीद सेतु के ज्वाइंटर व सड़क मरम्मत का कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा एक करोड़ रुपये की लागत से रविवार से शुरू हो गया है। विभाग का दावा है कि एक सप्ताह में मरम्मत कार्य पूरा हो जाएगा। 24 जून को अमर उजाला के पेज संख्या दो पर हमीद सेतु पर बने गडढे, हादसे का डर शीर्षक खबर को प्रकाशित किया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया और गड्ढों को भरने का कार्य शुरू कर दिया गया। कायाकल्प अभियान के पहले चरण में अत्याधुनिक मिलिंग मशीन का उपयोग करके सेतु के ऊपरी तल (टॉप फ्लोर) से पुराने वेयरिंग कोट (सतही परत) को हटाने का कार्य प्रारंभ किया गया। पुरानी परत हटाने के बाद मशीनों की सहायता से एक नया वेयरिंग कोट बिछाया जाएगा और उसे पूरी तरह समतल किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सेतु से गुजरने वाले वाहनों, बाइक सवारों और अन्य राहगीरों को आवागमन के दौरान झटकों और हिचकोलों से राहत प्रदान करना है। ऊपरी तल पर नए वेयरिंग कोट का कार्य पूरा होने के बाद सेतु के पैदल पथ (पाथवे) की डेंटिंग-पेंटिंग, लोहे की रेलिंग की मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था के लिए लगाए गए एलईडी पोलों के रंग-रोगन का कार्य भी किया जाएगा। वहीं एनएचएआई के परियोजना निदेशक अजय सिंह ने बताया कि करीब एक करोड़ रुपये की लागत से हमीद सेतु के कायाकल्प का कार्य शुरू किया गया है। एक सप्ताह में कार्य पूरा हो जाएगा।