सुहवल गांव के अति प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में तीन दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। तुलसी जयंती से शुरु हुई इस कथा के दूसरे दिन बलिया से आए कथा व्यास पंडित अरविंद तिवारी ने भगवान श्रीराम के आदर्श, जीवन, त्याग, तपस्या और मर्यादा का वर्णन किया।कथा व्यास पंडित अरविंद तिवारी ने बताया कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, सत्य, धर्म और मर्यादा पर आधारित है। उन्होंने अपने जीवन की प्रत्येक कठिन परिस्थिति को धैर्य और संयम के साथ स्वीकार किया। पिता के वचन की मर्यादा रखने के लिए राजपाट छोड़कर वनवास जाने को श्रीराम के त्याग और आदर्श चरित्र का सबसे बड़ा उदाहरण बताया।