गाजीपुर जिले में 121 घाट और 755 तालाबों पर छठ महापर्व के अंतिम दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। आलम यह रहा कि जिधर भी नजर जाती, उधर सिर पर दौरी, हाथों में ईख और कलश पर दीपक लिए व्रती महिलाएं और उनके परिजन ही नजर आए। मनोकामना पूर्ण होने पर कई व्रतियों ने घर से लेकर घाट तक साष्टांग प्रणाम करते हुए दूरी तय की। लोग ढोल-ताशे के साथ गंगा घाटों की ओर निकले। कांचहि बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए...पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार..दुखवा मिटाईं छठी मईया...जैसी छठ गीतों से घाट गूंजते रहे। उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रतियों ने व्रत का समापन किया। उधर, घाटों पर सुरक्षा को लेकर पुलिस चक्रमण करती रही। विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के द्वारा व्रतियों के लिए दूध के साथ ही चाय का इंतजाम रहा।