बार एसोसिएशन जमानियां की एक आवश्यक बैठक सोमवार को तहसील परिसर स्थित सभागार में आयोजित की गई, जिसमें अधिवक्ता अजय कुमार राय से संबंधित प्रकरण में कार्रवाई न होने पर अधिवक्ताओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बैठक में बताया गया कि अधिवक्ता अजय कुमार राय के विरुद्ध थाना गहमर में झूठी एफआईआर दर्ज की गई, जबकि उनके द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर थाना प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस उदासीन रवैये को लेकर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि 8 अक्टूबर 2025 को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि यदि अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तो अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। शासन-प्रशासन द्वारा अब तक कोई संज्ञान न लिए जाने से अधिवक्ताओं में गहरा असंतोष व्याप्त है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे और न्यायिक कार्य से पूरी तरह विरत रहेंगे। साथ ही तहसील गेट पर धरना-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रशासन अधिवक्ता अजय कुमार राय के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई नहीं करता। धरना की सूचना पर उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया एवं तहसीलदार रामनरायण वर्मा मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अधिवक्ता की तहरीर पर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी को एक पत्रक सौंपा। बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर सचिव अमरनाथ राम, उपाध्यक्ष सुनील कुमार, कमलकांत राय, उदय नारायण सिंह, मेराज हसन, फैसल होदा, मुनेश सिंह, अरविंद कुमार, पंकज तिवारी, दिग्विजय नाथ तिवारी, मिथिलेश सिंह, शशिभूषण राय, रवि प्रकाश, सुनील कुमार, बृजेश ओझा, घनश्याम कुशवाहा, संजय यादव, रमेश यादव आज़ाद समेत कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।