सावन के दूसरे दिन शुक्रवार शाम करीब 5:20 बजे हुई महज पांच मिमी मानसूनी बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी। बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली और अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन शहर की करीब 25 छोटी-बड़ी सड़कें जलमग्न हो गईं। 30 से अधिक छोटे-बड़े नालों के चोक होने से बारिश का पानी सड़कों पर फैल गया और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। नगर पालिका ने इस वर्ष करीब आठ करोड़ रुपये खर्च कर 27 बड़े और 52 छोटे नालों की सफाई कराने का दावा किया था, लेकिन पहली ही तेज बारिश में दावों की हकीकत सामने आ गई। कई स्थानों पर लोग खुद डंडे से नालों का जाम खोलते नजर आए, जबकि जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को रास्ता बदलकर आवागमन करना पड़ा।