प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्र के रूप में देश भर में विख्यात कमालगंज बढ़ती रेल सुविधाओं से वंचित है। इससे लोगों में क्षोभ है। कई बड़ी ट्रेनें गुरसहायगंज में रुकती हैं लेकिन यहां से धड़धड़ाती निकल जाती हैं। लंबी दूरी की रुकने वाली एकमात्र ट्रेन कालिंदी में जनरल डिब्बों में चढ़ना-उतरना जोखिम से घिरा है। बड़ी गिट्टी व ऊंची घास में कई बार यात्री गिर जाते हैं।