चंबल पुल की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। पुल के एक्सपेंशन पॉइंट (बेयरिंग पॉइंट) के लगभग 25 मिली मीटर नीचे खिसक जाने के बाद तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू की थी। मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे सुपरवाइजर मंडल ने बताया कि पुल के क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन पॉइंट पर निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के तहत कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पुल के ऊपर एक स्थान पर गड्ढा बनाकर उसी रास्ते से नीचे पहुंचकर विशेषज्ञ कर्मचारी मरम्मत में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि मरम्मत के लिए पुल को हाइड्रोलिक जैक की सहायता से उठाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अब एक्सपेंशन पॉइंट के नीचे लोहे की प्लेट लगाई जाएगी। यह पुल की संरचना को दोबारा संतुलित और मजबूत करने की नियमित तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है। प्लेट लगाने के बाद बेयरिंग सिस्टम को सही स्थिति में स्थापित किया जाएगा, जिससे पुल की भार वहन क्षमता को सुरक्षित किया जा सके। सुपरवाइजर ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर मौके पर पहुंचकर पूरे पुल का तकनीकी निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान मरम्मत की गुणवत्ता, पुल की मजबूती और सभी सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। इंजीनियरों की स्वीकृति मिलने के बाद ही पुल को दोबारा वाहनों के आवागमन के लिए खोला जाएगा।यदि मौसम और अन्य परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो प्लेट लगाने, तकनीकी परीक्षण और निरीक्षण सहित सभी प्रक्रियाएं पूरी होने में लगभग सात दिन का समय लगेगा। इसके बाद ही चंबल पुल पर यातायात सामान्य रूप से बहाल किया जाएगा। फिलहाल भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है और विभाग निर्धारित समय में मरम्मत कार्य पूरा करने के प्रयास में जुटा हुआ है।