जलेसर में हाईकोर्ट का स्थगनादेश होने पर भी सकरौली थाना पुलिस ने हत्या के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को सीजेएम कोर्ट में पेश कर पुलिस ने रिमांड की मांग की। सीजेएम के समक्ष हाईकोर्ट का स्थगनादेश पेश किए जाने पर वह चौंक गए। हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर पुलिस को फटकार लगाते हुए आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया है। सकरौली थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत शाहनगर टिमरुउआ के नगला गंगा महेंद्र सिंह की कुछ दिन पहले संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। परिजन महेंद्र की हत्या का आरोप गांव के अजब सिंह पर लगा रहे थे। मौत की पुष्टि को महेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महेंद्र की मौत ह्रदयाघात से होने की पुष्टि हुई थी। अजब सिंह ने कहा उसको पंचायत चुनाव की रंजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ह्रदयाघात से मौत की पुष्टि होने पर भी वर्तमान प्रधान ने पहल कर कोर्ट के माध्यम से रिपोर्ट थाने में दर्ज करा दी। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज होने पर वह गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगनादेश ले आया। हाईकोर्ट का स्थगनादेश होने पर भी सकरौली थाना पुलिस से 23 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट का आदेश दिखाने पर थाना प्रभारी नीता माहेश्वरी ने उसकी एक न सुनी। 24 जून को उसे सीजेएम के समक्ष पेश किया गया। सीजेएम को हाईकोर्ट का आदेश दिखाने पर पुलिस की कार्य प्रणाली पर वह दंग रह गए। हाईकोर्ट के आदेश का सत्यापन कराने के बाद सीजेएम ने पुलिस को फटकार लगाते हुए आरोपी अजब सिंह को रिहा करने का आदेश जारी किया। तब सकरौली थाना पुलिस ने उसको रिहा किया है।