डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने मंगलवार को नवीन मंडी स्थल पर संचालित गेहूं खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी क्रय केंद्रों की बारीकी से पड़ताल की और केंद्र प्रभारियों को पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान करने या बार-बार चक्कर लगवाने की शिकायत मिलने पर संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कांटा, बोरी, नमी मापक यंत्र समेत अन्य संसाधनों की उपलब्धता की जांच की, जो पर्याप्त मात्रा में पाई गई। जिलाधिकारी ने निरीक्षण पंजिका, शिकायत रजिस्टर और अन्य अभिलेखों का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों का पंजीकरण अनुसार नंबर लगाकर ही गेहूं की तौल कराई जाए और खरीद प्रक्रिया ई-पॉस मशीन के माध्यम से ही हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो। इस दौरान डीएम ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए बताया कि अब गेहूं खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक किसान सरकारी केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि गेहूं खरीद 15 जून 2026 तक चलेगी और केंद्र प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित रहेंगे। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि बोरे की उपलब्धता, भुगतान और तकनीकी समस्याओं की निगरानी कर समय पर समाधान किया जा सके। साथ ही प्रत्येक केंद्र पर बैनर लगाकर मूल्य, अधिकारियों के नाम व मोबाइल नंबर और खरीद मानकों का स्पष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान किसानों के लिए पेयजल और छायादार बैठने की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। इस मौके पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, मंडी सचिव और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।