चंदौली के तारापुर रेलवे फाटक से कनेरा गांव को जोड़ने वाली लगभग दो किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क की मरम्मत कार्य में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। करीब 15 लाख रुपये की लागत से यह मरम्मत कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि तारापुर रेलवे फाटक से कनेरा गांव तक जाने वाली यह मुख्य सड़क आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। वर्षों से जर्जर स्थिति में पड़ी इस सड़क पर गड्ढों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए पीडब्ल्यूडी द्वारा मरम्मत कार्य शुरू कराया गया, लेकिन कार्य शुरू होते ही गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुरानी सड़क पर न तो मानक के अनुसार भस्सी डाली जा रही है और न ही पर्याप्त गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है। इसके बजाय पानी और केमिकल डालकर गिट्टी को मिक्स किया जा रहा है, जिससे गिट्टी पूरी तरह काली हो जा रही है। वहीं अलकतरा की मात्रा बेहद कम होने के साथ-साथ गिट्टी की ऊंचाई भी मानक से कम रखी जा रही है। स्थिति यह है कि सड़क पर एक ओर काम चल रहा है, तो दूसरी ओर गिट्टियां उखड़कर किनारे जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की गिट्टियां पैरों से ही उखड़ जा रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि निर्माण कार्य बेहद घटिया स्तर का किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि इस मरम्मत कार्य में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। ठेकेदार की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि शिकायत करने पर वह आग-बबूला हो जा रहा है। इसको लेकर राहगीरों और ग्रामीणों में आक्रोश है। विकास यादव, संदीप यादव, वीरेंद्र मिश्रा, राम लखन, विजेंद्र यादव, पवन मिश्रा, राम लच्छन यादव, राजेश मिश्रा सहित अन्य लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं इस संबंध में जब अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी राजेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसे दूर कराने की कार्रवाई की जाएगी।