परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के सरकारी दावों के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय रुपेठा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्कूली बच्चों से निर्माण कार्य के दौरान मजदूरी कराते हुए देखा जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ तौर पर नजर आ रहा है कि विद्यालय परिसर में मरम्मत कार्य के दौरान बच्चों से बालू, ईंट और अन्य निर्माण सामग्री ढुलवाई जा रही है। चिलचिलाती धूप में बच्चों से इस तरह का काम कराए जाने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों के पढ़ने-लिखने की जगह है, न कि उनसे मजदूरी कराने का स्थान। अभिभावकों ने संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। मामले पर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सहाय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला वैसा नहीं है जैसा दिखाया जा रहा है। उनके अनुसार विद्यालय परिसर में बालू पड़ा हुआ था, जिसे हटवाने के लिए शिक्षकों द्वारा व्यवस्था की जा रही थी। इसी दौरान एक-दो बच्चों की तस्वीर वीडियो में आ गई, जिसे बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।