सोमवार और मंगलवार के शाम पांच बजे तक उमसभरी गर्मी के बाद करीब दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश से जिले का मौसम बदल गया। बारिश के साथ चल रही हवा ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। दिन के बाद शाम के तापमान में गिरावट आने से लोगों को काफी राहत मिली। जिले का उच्चतम तापमान सोमवार के 32 से गिरकर 30 डिग्री पर पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान भी एक डिग्री कम होकर 27 की अपेक्षा 26 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार की रात से लेकर मंगलवार के दिन तक उमसभरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल रहा लेकिन शाम के पांच बजे काले बादल घिर आए और शाम के सात बजे तक बादल लगातार झूमकर बरसे। काले बादलों के छाने से दिन के पांच बजे ही अंधेरा छा गया। इसके बाद बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश ने गति पकड़ ली और दो घंटे तक मूसलाधार बारिश होती रही। इसके बाद भी हल्की बारिश होने और हवा चलने से मौसम खुशनुमा बना रहा। वहीं बारिश के बाद फोरलेन सहित नगर के कई मोहल्लों की सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश रुकने के काफी देर बाद तक सड़कें पानी में डूबी रहीं जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। लोग नगर पालिका परिषद पर इसका दोष मढ़ते रहे। उनका कहना था कि यदि पालिका प्रशासन ने बारिश के पहले नाले-नालियों की सफाई करा देता तो उन्हें परेशानी नहीं उठानी पड़ती। अभी भी कई स्थानों पर नाले से सिल्ट निकालकर छोड़ा गया है जो बारिश के पानी के साथ वापस बहकर नाले में गिर जा रहा है। बारिश ने नगर पालिका प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मॉनसून ने पूरे प्रदेश का आच्छादित कर लिया है। जुलाई के पहले सप्ताह तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान कांशीराम आवास में गिरा बारजा मंगलवार की शाम हुई मूसलाधार बारिश के दौरान ओड़वार स्थित कांशीराम आवास के ब्लॉक संख्या 12 के आवास संख्या 45 से 56 तक सीढ़ी का बारजा गिरकर धराशाई हो गया। गनीमत रही कि इसकी चपेट में आकर कोई घायल नहीं हुआ। शाम पांच बजे शुरू हुई बारिश के करीब एक घंटे बाद ही बारजा तेज आवाज के साथ गिर गया। बारजा गिरने की आवाज सुनकर आवंटी घबरा उठे। पहले तो उन्हें पता नहीं चला लेकिन जब बाहर निकलकर देखा तो बारजे को गिरा पाया। बारिश के दौरान तीन घंटे बिजली आपूर्ति रही ठप चंदासी उपकेंद्र के सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति बारिश के बावजूद कुछ देर तो सामान्य बनी रही लेकिन फीडर संख्या दो की बिजली आपूर्ति तीन घंटे गुल रही। हालांकि कुछ फीडरों से बिजली आपूर्ति मिलती भी रही। इससे फीडर संख्या दो के लोगों में विद्युत निगम के प्रति रोष देखा गया। बारिश शुरू होने के बाद बिजली की आवाजाही शुरू हो गई। फीडर संख्या एक सहित अन्य फीडरों में एक-दो बार बिजली कटने के बाद आ गई लेकिन फीडर संख्या दो की बिजली आपूर्ति देर तक ठप रही। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। फीडर से जुड़े लोगों का कहना था कि विभागीय लापरवाही से उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। कभी तारों पर पेड़ गिरने तो कभी ट्रांसफार्मरों में गड़बड़ी आने से फीडर संख्या दो के लोगों को सबसे कम बिजली मिलती है। मंगलवार को भी बारिश के दौरान जायसवाल स्कूल और पटेल नगर में तार टूट जाने के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बारिश रुकने के बाद रात के आठ बजे बिजलीकर्मियों ने टूटे तारों की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की। इस संबंध में विद्युत वितरण खंड-दो के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार यादव ने बताया कि फीडर संख्या दो में भी नए ट्रांसफार्मर लगाने और तारों को बदलने का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही आपूर्ति सामान्य करा दी जाएगी।