चंदाैली के बलुआ स्थित वाल्मीकि इंटर कालेज में शुक्रवार को मंडलीय सम्मेलन एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधान परिषद सदस्य चेतनारायण सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन में पेंशन के लिए 1967-68 के आंदोलन में जेल गए शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्यअतिथि ने कहा कि वर्तमान की चिंता छोड़कर भविष्य की चिंता के लिए आंदोलन में जेल गए शिक्षकों को नमन है। आज इनके कारण हम शिक्षकों का कार्य चल रहा है। इनको सम्मानित करने का भाग्य बड़े ही सौभाग्य से मिलता है। संघर्ष के दम पर ही प्रदेश के मध्यमिक शिक्षकों को बहुत सी उपलब्धियां प्राप्त हुई है। सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है और शिक्षा का तेजी से बाजारीकरण हो रहा है। विशिष्ठ अतिथि हरेन्द्र कुमार राय ने कहा कि शिक्षक का कर्तव्य समाज में बच्चों के साथ अपनी समस्याओं की लड़ाई लड़ना है। वहीं, अनिरुद्ध त्रिपाठी ने पुरानी पेंशन बहाली, तदर्थ शिक्षकों की बहाली कैशलेश चिकित्सा, वित्तविहीन को पांच अंकों में मानदेय की पुरानी मांगों को दोहराया और कहा कि अपने आंदोलनों व संघर्ष के दम पर हम सरकार को बाध्य करेंगे। सम्मेलन में चन्दौली, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, मऊ, मीरजापुर आदि जनपदों से आए पदाधिकारियों व अतिथियों को प्रधानाचार्य वीरेंद्र प्रताप तिवारी ने स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। इस मौके पर विद्याधर पांडेय, सुधाकर सिंह, सत्येंद्र प्रताप सिंह, डॉ.महेंद्र कुमार पांडेय, प्रेमनारायण सिंह, विनोद प्रजापति, हरिकेश यादव, प्रमोद सिंह, संजय श्रीवास्तव, दिनेश चक्रवर्ती, त्रिभुवन नारायण सिंह, योगेश सिंह आदि रहे। अध्यक्षता सुधाकर सिंह, संचालन प्रदीप कुमार सिंह व आभार व्यक्त संतसेवक सिंह ने किया।