चंदौली जिले के चहनियां विकासखंड के टांडाकला क्षेत्र अंतर्गत सरौली गांव के किसान इन दिनों छुट्टा आवारा पशुओं से बुरी तरह परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका को लेकर किसान रात-दिन चिंता में डूबे रहते हैं। हालात ऐसे हैं कि किसी भी समय आवारा पशु खेतों में घुसकर दलहन, तिलहन और गेहूं की फसल को चौपट कर सकते हैं। किसानों का कहना है कि फसल बचाने के लिए उन्हें कड़ाके की ठंड में भी रात के समय चादर ओढ़कर और लाठी लेकर खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। जरा-सी लापरवाही होने पर आवारा पशु खेतों में घुस जाते हैं और घंटों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। किसानों ने बताया कि ठंड बढ़ने के बावजूद उन्हें रात-रात भर खेतों में जागना पड़ता है। इससे न सिर्फ शारीरिक परेशानी बढ़ रही है, बल्कि बुजुर्ग किसानों और महिलाओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण किसानों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि गांव और आसपास घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़वाकर गौशालाओं में भेजा जाए, ताकि किसानों को इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है।