पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को भारत पेंशनर्स समाज से संबद्ध रिटायर्ड रेलवे इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन, डीडीयू द्वारा स्टेशन स्थित कार्यालय पर पेंशनर्स दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त रेलकर्मी एवं यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान वर्तमान पेंशन स्कीम पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारी एकजुट नहीं रहे तो आने वाले समय में पेंशन से वंचित किए जाने का खतरा बढ़ सकता है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार नए-नए कानूनों के माध्यम से पेंशनरों को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास कर रही है। वक्ताओं ने डी.एस. नकारा प्रकरण का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्हें पेंशन से वंचित करने का प्रयास किया गया था, जिस पर उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सर्वोच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर 1982 को ऐतिहासिक निर्णय देते हुए उनकी पेंशन बहाल की थी। इसी स्मृति में पेंशनर्स समाज द्वारा पेंशनर्स दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ सदस्यों आई.डी.पी. यादव, राम, एन.एल. मेहता, डी.पी. सिंह और ललन जी को मुख्य अतिथि द्वारा शाल, छड़ी एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जवाहरलाल शर्मा ने की, जबकि मंच संचालन जे.एन. तिवारी ने किया। अंत में संगठन के संयुक्त सचिव जयनाथ शर्मा ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी अतिथियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया। आयोजन मंडल में महेन्द्र उपाध्याय, रमेश तिवारी, सुरेश भगत, रमाकांत, बी.डी. रजक, रामेश्वर प्रसाद, बी.डी. पाण्डेय, भाईलाल, शियाराम तिवारी रहे।