सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस. सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बनने वाला एकीकृत कोर्ट परिसर देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण और बेंचमार्क साबित होगा। उन्होंने कहा कि वे जब भी देश के किसी अन्य राज्य में जाएंगे, वहां उत्तर प्रदेश का उल्लेख जरूर करेंगे और यहां के न्यायिक ढांचे का उदाहरण देंगे।वे शनिवार को चंदौली में आयोजित कार्यक्रम में चंदौली सहित उत्तर प्रदेश के छह जनपदों के एकीकृत कोर्ट परिसर के शिलान्यास समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। चीफ जस्टिस ने कहा कि एकीकृत कोर्ट परिसर आम आदमी के संवैधानिक सपनों को साकार करने जैसा है। यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें सुगम व सुलभ न्याय प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था का मूल उद्देश्य यही है कि आम नागरिक को उसके नजदीक ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे वह न्याय के लिए संघर्ष कर सके। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि एकीकृत कोर्ट परिसर में महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग भवन और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था भी की जाए। इससे अधिवक्ताओं के साथ-साथ न्यायालय आने वाले बुजुर्गों को भी वहीं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।