सम्पूर्णता अभियान 2.0 के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के प्रतिनिधि शिवम मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि चंदौली आकांक्षी जनपद की श्रेणी से बाहर निकलकर मॉडर्न जनपद बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभियान 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक चल रहा है। इसमें स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और अन्य आधारभूत क्षेत्रों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया है। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई और निर्देश दिए गए कि सभी विभाग निर्धारित समय में अपने लक्ष्य पूरे करें। अभियान के अंतर्गत छह प्रमुख संकेतकों बच्चों को पूरक पोषण, आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों की मासिक माप, सभी केंद्रों में शौचालय व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, बालिकाओं के लिए स्कूलों में शौचालय सुविधा तथा गोवंश में एफएमडी टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके अलावा जिलों के लिए तय पांच संकेतकों में जन्म के समय बच्चों का वजन, टीबी मामलों की अधिसूचना दर, एचएसएनडी/यूएचएसएनडी का आयोजन, बालिका शौचालय युक्त स्कूलों का अनुपात और पशुओं के टीकाकरण की समीक्षा की गई। बैठक में आउटरीच गतिविधियों और फील्ड विजिट को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। शिवम मिश्रा ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में बेहतर काम हुआ है। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्कूल या आंगनवाड़ी केंद्र में शौचालय बंद न रहे, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों को स्वच्छता और शौचालय उपयोग से संबंधित जानकारी लगातार दी जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाई. के. राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कपूर सहित जिले के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।