टांडा कला क्षेत्र में मौसम का मिजाज तेजी से बदला है। पिछले दो दिनों से चल रही पछुआ हवाओं ने न केवल तापमान में गिरावट दर्ज की है, बल्कि ग्रामीणों की कनकनी भी बढ़ा दी है। हाड़ कंपाने वाली इस ठंड से बचने के लिए लोग सुबह-शाम अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। बुधवार की रात मौसम साफ रहने के बाद शुक्रवार सुबह 6:00 बजे से ही पछुआ हवाओं की रफ्तार तेज हो गई। देखते ही देखते आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया और कोहरा नीचे उतरने लगा। हालांकि, हवा के बहाव के कारण सुबह 8:00 बजे तक कोहरा तो छट गया, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रही। सूर्य देव ने भी काफी देर बाद सुबह 10:00 बजे अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली। दोपहर में तेज धूप खिली, लेकिन शाम होते ही फिर से बादलों की लुका-छिपी शुरू हो गई, जिससे गलन और ठंड में इजाफा हो गया।