संपूर्ण समाधान दिवस में जमीन की पैमाइश के नाम पर 20 हजार रुपये मांगने की शिकायत पहुंचते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम विनय मिश्रा और तहसीलदार राहुल सिंह ने तत्काल राजस्व निरीक्षक को तलब कर मामले की जांच की। प्रारंभिक जांच में शिकायत का आधार वकील द्वारा दी गई जानकारी पर टिका मिला, जिसके बाद प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए। देवखत गांव निवासी समराजी ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पति रामजनम के नाम दर्ज भूमि की पैमाइश के लिए धारा-24 के तहत आवेदन किया गया था। उनका आरोप था कि उनके अधिवक्ता राजकुमार ने बताया कि पैमाइश कराने के लिए राजस्व निरीक्षक 20 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलते ही एसडीएम और तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक को मौके पर बुलाकर पूछताछ की। जांच के दौरान महिला समराजी ने स्पष्ट किया कि उनकी राजस्व निरीक्षक से कोई बातचीत नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि 20 हजार रुपये की मांग की जानकारी उन्हें उनके वकील राजकुमार ने दी थी। प्रकरण को गंभीर मानते हुए एसडीएम ने जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धारा-24 के अंतर्गत भूमि की पैमाइश के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क देय नहीं है। यदि कोई कर्मचारी या अन्य व्यक्ति पैमाइश के नाम पर धन की मांग करता है तो इसकी तत्काल सूचना प्रशासन को दें, दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है, ताकि पूरे प्रकरण की वास्तविकता सामने आ सके।