राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूर्ण होने पर शुक्रवार को जिले भर में विविध कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के साथ ही विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने वंदे मातरम गाकर शहीदों को नमन किया। देश की आजादी में इस गीत से मिली प्रेरणा पर प्रकाश डाला गया। शुक्रवार की सुबह कलेक्ट्रेट सभागार में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक वाचन का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संबोधन को सुना गया। इसी तरह पुलिस कार्यालय, पुलिस लाइन, सभी थानों और पुलिस चौकियों पर पुलिस बैंड के साथ वंदे मातरम गीत गाया गया। शाम को हरिहरनाथ मंदिर स्थित शहीद पार्क पर डीएम, एसपी, सीडीओ, एएसपी ने पुलिस बैण्ड की ध्वनि में बंदे मातरम को नगर वासियों के साथ सामूहिक गायन किया। इसके बाद शहीदो को माल्यापर्ण कर नमन किया। विधायक विपुल दूबे ने कहा कि ब्रिटिश हूकुमत में देशवासियों को एकजुट करने एवं देश भक्ति की नई चेतना जगाने में ‘वंदे मातरम’ गीत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि वंदे मातरम गीत पहली बार साहित्यिक पत्रिका ‘बंग दर्शन’ में उनके उपन्यास ‘आनन्दमठ’ के धारावाहिक प्रकाशन के एक भाग के रूप में प्रकाशित हुआ था।स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान विभिन्न समुदायों, संस्कृतियों और देशवासियों को एकजुट करने एवं देशभक्ति की नई चेतना जगाने में इस गीत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि देशभर में विभाजन के विरोध में हुए आंदोलनो के दौरान ‘बंदे मातरम’ राष्ट्रवाद, एकता और ब्रिटिश शासन के विरूद्ध प्रतिरोध का सशक्त प्रतीक बन गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, चेयरमैन घनश्याम दास गुप्ता, एएसपी शुभम अग्रवाल, एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य, सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, डीडीओ ज्ञानप्रकाश, डीसी मनरेगा राजाराम, उपायुक्त उद्योग अधिकारी आशुतोष सहाय पाठक, डीसी एनआरएलएम अनुराग राय आदि रहे। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम गीत गाया। प्राचार्य प्रो.रमेश चंद्र यादव ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की चर्चा किया। गोपीगंज के शहीद स्मारक मिर्जापुर रोड तिराहा पर शुक्रवार को विनोद सिंह फौजी फुटबॉल टीम की छात्राओं ने कैंडल जलाकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया। खिलाड़ियों ने देश के वीर जवानों के बलिदान को याद करते हुए वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक रूप से गीत गाकर देशभक्ति का संदेश दिया।