भदोही जिले में सहकारी समिति के सचिवों ने शुक्रवार को सदस्यता अभियान का बहिष्कार करते हुए विकास भवन में धरना दिया। वेतन और बकाए की मांग को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह 22 सितंबर से समितियों पर कामकाज छोड़ देंगे और एक अक्तूबर को तालाबंदी करेंगे। अगर उसके बाद भी कोई पहल न हुई तो सामूहिक रूप से त्यागपत्र दे देंगे। अंत में सीडीओ और एआर को पत्रक दिया। जिले के 52 सहकारी समितियों पर डीएपी, यूरिया आदि के वितरण की जिम्मेदारी सचिवों की होती है। 35 से 40 सचिवों पर सभी समितियों की जिम्मेदारी होती है। शुक्रवार से समितियों पर सदस्यता अभियान की शुरुआत की गई, लेकिन सचिवों ने पहले ही दिन इसका विरोध शुरु कर दिया है। हेमंत शुक्ला और गणेश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विकास भवन पहुंचे सचिवों ने बकाया पैसा और वेतन की मांग किया। कहा कि साल 2023 में सदस्य बनाए गए। अब उनको यूरिया या डीएपी नहीं मिलती तो वह समिति पर आकर अभद्रता करते हैं। उनको कई साल से वेतन नहीं मिल रहा है। जिससे उनके सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। पूर्व में कई बार इसको लेकर पत्रक दिया, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे उनके सामने समस्या हो गई है। अगर उनको वेतन नहीं मिलेगा तो वह काम नहीं करेंगे। इस मौके पर मधुराम यादव, संतोष शुक्ला, कमलेश मिश्रा, राजेश कुमार सिंह, अखिलेश मौर्य, रामललित उपाध्याय, सुरेश सिंह, रामकेश्वर तिवारी आदि रहे।