भदोही सीमा पर स्थित भोगांव गंगा घाट पर मुर्दों से टैक्स लेने का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। घाट पर बीते छह दिनों से हरिश्चन्द्र केवट की भूख हड़ताल जारी है। अब उसको लोगों का समर्थन भी मिलने लगा है। घाट पर दर्जनभर से अधिक लोग पहुंचकर उसके आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। जिले की सीमा के पास स्थित भोगांव घाट मिर्जापुर में पड़ता है, लेकिन यहां 80 फीसदी लाशें भदोही की ही जलती हैं। मजे की बात है कि मिर्जापुर जिला प्रशासन की ओर से घाट पर शव जलाने का एक हजार रुपये टैक्स लगा दिया। इस बात की जानकारी होने के बाद अमर उजाला ने इस पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया। घाट पर शव जलाने के लिए सरकारी शवदाह गृह में एक हजार रुपए की रसीद काटी जा रही है। इसकी जानकारी होने के बाद भदोही जनपद के अलावा अन्य जिले के लोग भारी विरोध करना शुरू कर दिया। मुर्दा टैक्स को लेकर स्थानीय लोगों ने अफसरों के यहां फरियाद किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद थक-हारकर बस्ती के लोग आंदोलन शुरू कर दिया। बीते छह दिनों से हरिश्चन्द्र केवट शव दाह में टैक्स हटाने को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। शनिवार को समाजवादी पार्टी के जिला मिडिया प्रभारी धर्मेंद्र कुमार मिश्र भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का मुर्दा टैक्स मंजूर नहीं किया जाएगा। सरकार जीएसटी लगा करके शिक्षा, रोटी, कपड़ा, और मकान को महंगा कर दिया है। गुलाम भारत के साथ ही आजाद भारत के 76 वर्षों में टैक्स नहीं लगा आज यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार हिंदू समाज पर यह टैक्स थोप दिया है। इस मौके पर संतलाल, पंचू, जगन्नाथ, राजन, कलद्दर, राजधार तिवारी, लाखन सिंह, मुकेश डोम, संपत आदि रहे।