कोइरौना थाना क्षेत्र के सीतामढ़ी गंगा घाट पर शुक्रवार रात लगभग नौ बजे गंगा स्नान करते समय गहरे पानी में जाने से राजकुमार माली (35) गंगा की तेज धारा में बह गया। शुक्रवार रात से ही स्थानीय गोताखोर उसे ढूंढने में लगे रहे। वहीं शनिवार को एसडीआरएफ की टीम देर शाम तक उसे ढूंढने में लगी रही, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। जानकारी के अनुसार राजकुमार माली प्रयागराज जनपद के हंडिया कोतवाली के जसवां गांव का निवासी था। वह बीते कई साल से सीतामढ़ी में भगवान हनुमान मंदिर के पास फूलमाला और प्रसाद की दुकान चला कर परिवार का जीविकोपार्जन करता था। शुक्रवार को वह परिजनों के साथ कड़ेधाम दर्शन के लिए गया था। वहां से वापसी में शाम को घर पहुंचने के बाद वह सीतामढ़ी में गंगा स्नान करने गया। नहाते वक्त अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज धारा में बह गया। सूचना पर कोइरौना थाना के प्रभारी निरीक्षक छोटक यादव, चौकी इंचार्ज सीतामढ़ी ओम प्रकाश सिंह, महेंद्र सिंह, विजेंद्र कुमार, प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह, संजय वर्मा आदि लोग गंगा घाट पर पहुंच गए। शनिवार सुबह नायब तहसीलदार भागीरथी, लेखपाल दिवाकर यादव भी सीतामढ़ी गंगा घाट पर पहुंच गए। एनडीआरएफ की टीम युवक को खोजने में लगी रही, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। नायब तहसीलदार भागीरथी ने कहा कि एनडीआरएफ की टीम गंगा में लापता युवक की खोज में लगी है। अब तक उसका पता नहीं चल सका है। गंगा में डूब रहे एक ही परिवार के चार लोगों को बचाया सीतामढ़ी। सीतामढ़ी गंगा में स्नान करते समय तेज धारा में चले जाने से जीजा साली सहित पत्नी और एक बच्चा डूबने लगा। संयोग अच्छा था कि घाट पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को बचा लिया। गंगा में डूब रहे चारों लोग एक ही परिवार के थे और सभी प्रयागराज जनपद के हंडिया कोतवाली के भीटी के निवासी बताए गए। घटना के बाद साथ आए लोग दहशत में आ गए। इन दिनों बड़ी संख्या में लोग स्नान करने आ रहे है। इनमें युवाओं की संख्या काफी अधिक देखी जा रही है। गंगा का जलस्तर काफी घटा हुआ है। पानी कम देख लोग, आधे गंगा तक जा कर पानी में खूब ऊधमबाजी कर रहे हैं। जिससे घटनाएं बढ़ने की संभावनाए हैं। समाजसेवी राहुल दुबे, कैलाश नाथ आदि ने सीतामढ़ी में सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किए जाने की मांग की।