भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिक डॉ. रोहित कुमार एवं उनकी टीम ने देश में पहली बार स्वदेशी तकनीक से विकसित कूल्हा प्रत्यारोपण की सफल सर्जरी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस कूल्हा प्रत्यारोपण की खासियत यह है कि यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। अब तक कुत्तों के लिए आर्टिफिशियल हिप भारत में उपलब्ध नहीं था। यदि किसी कुत्ते को आर्टिफिशियल हिप की आवश्यकता होती थी तो उसे केवल विदेश से ही मंगवाया जाता था, जिसका खर्च कम से कम पांच लाख तक आता था। आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल हिप बनाने के लिए पिछले लगभग तीन वर्षों से एक सुनियोजित अध्ययन करके विशेष रूप से भारतीय कुत्तों के अनुरूप सीमेंटेड पद्धति का कूल्हा ही नहीं, बल्कि उसमें उपयोग होने वाले उपकरणों को भी विकसित किया।