ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि सलमान रुश्दी की किताब ‘सेटेनिक वर्सेज’ को बाजार में न आने दिया जाए। इससे देश का माहौल खराब होगा। उन्होंने कहा कि सलमान रुश्दी की किताब पर लगाई गई पाबंदी की मियाद खत्म हो गई है। अब कुछ प्रकाशक इसे दोबारा छापने की योजना बना रहे हैं। इस किताब में इस्लाम और पैगंबर की शान में गुस्ताखियां की गई हैं। साथ ही, इसमें हिंदू धर्म के महापुरुषों, देवी-देवताओं के खिलाफ भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया है। वर्ष 1988 में जब ये किताब मार्केट में आई थी, देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। फिर अगर यह किताब बाजार में आई तो मुसलमान खामोश नहीं बैठेंगे।