बरेली के सुभाषनगर में आत्महत्या से पहले कत्था फैक्टरी के कर्मचारी विनयदीप उर्फ अंशू ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाया था। सुसाइड नोट दिखाते हुए पत्नी और ससुराल वालों को मौत का जिम्मेदार ठहराया। हैरानी की बात यह कि विवेचक ने एक महीने तक मोबाइल अपने कब्जे में रखा। इसके बाद भी उन्हें वीडियो नहीं मिली। मोबाइल सुपुर्दगी में परिजनों के पास आया तब इस बात का पता चला। विवेचक ने एक माह में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। मृतक के भाई ने मामले की शिकायत बुधवार को एडीजी पीसी मीना से की है। एडीजी ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। बीडीए कॉलोनी करगैना निवासी विशाल ने बताया कि उसके भाई विनयदीप का पत्नी लक्ष्मी से विवाद चल रहा था। लक्ष्मी पिछले नौ माह से बेटे के साथ अपने मायके करमपुर चौधरी में थी। विनय जब पत्नी को बुलाने ससुराल गया तो ससुरालियों ने उसे जमकर पीट दिया। इस बात से भी वह आहत था। 19 जनवरी की रात उसने आत्महत्या कर ली थी।