देवा-चिनहट मार्ग स्थित श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार को प्रशासन ने अवैध निर्माण मानते हुए एनिमल हाउस और गार्ड रूम को ध्वस्त कर दिया था। रविवार को अवकाश के दिन भी पुलिस व राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश का कार्य किया। कैंपस के बाहर पुलिस बल तैनात है। सुबह करीब 11:30 बजे एसडीएम नवाबगंज आनंद तिवारी पुलिस व राजस्व अधिकारियों के साथ यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे। उन्होंने बताया कि तहसीलदार नवाबगंज की अदालत ने 25 अगस्त को सुनवाई के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर 27 लाख 96 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए 30 दिन में कब्जा खाली करने का आदेश दिया था। उसी आदेश के अनुपालन में शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई और अब शेष जमीन का सीमांकन किया जा रहा है। लाठी चार्ज के बाद कसा शिकंजा यह पूरा मामला एक सितंबर को उस समय सुर्खियों में आया था जब यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर बिना मान्यता के एलएलबी आदि की कक्षाएं संचालित करने और प्रवेश देने का आरोप लगा। इसका विरोध करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं व छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। जिसमें 24 कार्यकर्ता घायल हो गए थे। इसके बाद तीन सितंबर को उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने यूनिवर्सिटी पर अवैध रूप से पढ़ाई कराने का मुकदमा दर्ज कराया। तभी से यह विवाद चर्चा में है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कार्रवाई को बताया गलत यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है। संस्था के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना अपनी बात रखने का अवसर दिए बुलडोजर चलवा दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को मनमाना बताते हुए कहा कि यह दबाव में किया जा रहा है। फिलहाल प्रशासनिक अमला लगातार कैंपस की जमीन का सीमांकन कर रहा है और सूत्रों का कहना है कि आगे और अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा सकते हैं।