बाराबंकी। जिले की मूल निवासी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार तड़के 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई। मोहसिना किदवई पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थीं। बाराबंकी जिले के अहमदपुर गांव में जन्मी मोहसिना किदवई का जीवन संघर्ष और समर्पण का प्रतीक रहा। उन्होंने स्थानीय राजनीति से शुरुआत कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्र सरकार में मंत्री रहीं और स्वास्थ्य, शहरी विकास, पर्यटन, परिवहन तथा ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। मोहसिना किदवई उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र से तीन बार सांसद चुनी गईं। इसके अलावा वे छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य भी रहीं। इस प्रकार उन्होंने संसद के दोनों सदनों में जनता का प्रतिनिधित्व किया। पूर्व सांसद पीएल पुनिया बताते हैं कि उन्होंने विधान परिषद और विधान सभा में भी सदस्य रहकर एक रिकॉर्ड बनाया। संगठन में भी उनका कद ऊंचा था। वे कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारक समिति और केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य रहीं। उन्हें गांधी परिवार का विश्वसनीय और अनुभवी नेता माना जाता था। मोहसिना किदवई ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में सादगी, निष्ठा और जनसेवा को प्राथमिकता दी। बाराबंकी से लेकर देश की राजनीति तक उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी ने एक अनुभवी और समर्पित नेता को खो दिया है। बाराबंकी शहर में उनकी बंद पड़ी कोठी में सन्नाटा दिखा।