प्रेम अवस्थी, बाराबंकी। जिले में भीषण गर्मी के कारण टमाटर की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने से टमाटर के पौधे झुलस गए हैं। इससे किसानों को टमाटर की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। हरख ब्लॉक के दौलतपुर, टेसुसा, बबुरिहा, बर बसौली, खुशहालपुर और मिर्जापुर जैसे गांवों में गर्मी की टमाटर फसल तैयार थी। लेकिन अत्यधिक गर्मी के कारण पूरा पौधा पीला पड़कर सूख रहा है। बीते सप्ताह तक किसान थोक में 20 रुपये प्रति किलो टमाटर बेच रहे थे। अब यही टमाटर पांच-छह रुपये प्रति किलो के भाव भी मुश्किल से बिक रहा है। टेसुआ गांव के प्रदीप यादव व जय प्रकाश ने बताया कि पहले वे एक कैरेट टमाटर 400 से 500 रुपये में बेचते थे। एक कैरेट में 25 किलो टमाटर आता है। इस तरह उन्हें औसतन 10 से 20 रुपये प्रति किलो दाम मिल रहे थे। अब एक कैरेट टमाटर केवल 100 से 120 रुपये में बिक रहा है। गोरखपुर, कानपुर और अयोध्या जैसी बड़ी मंडियों के व्यापारी सस्ते भाव में भी नहीं आ रहे हैं। इससे स्थानीय कमीशन एजेंटों के माध्यम से टमाटर बेचना पड़ रहा है। कमीशन एजेंटों के कारण किसानों को और भी कम दाम मिल रहे हैं। हालांकि, फसल खराब होने के डर से उन्हें औने-पौने भाव में बेचने की विवशता है।