अक्षय नवमी के पावन अवसर पर गुरुवार को बलरामपुर नगर की प्रसिद्ध सप्तकोसी परिक्रमा भव्य रूप से संपन्न हुई। अक्षय नवमी परिक्रमा समिति के तत्वावधान में आयोजित यह परिक्रमा नगर की धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक मानी जाती है। झारखंडी मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मंदिरों, सरोवरों और धार्मिक स्थलों की परिक्रमा करते हुए श्रद्धालु देर शाम पुनः झारखंडी मंदिर पहुँचे। प्रातः 8 बजे झारखंडी मंदिर में वेद-मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद गणमान्य नागरिकों, साधु-संतों और समिति पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रातः 9 बजे भगवा ध्वज दिखाकर परिक्रमा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मंदिर प्रांगण “जय श्रीराम” और “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। परिक्रमा में नगर व आसपास के क्षेत्रों से लगभग 10 हजार श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें महिलाओं और बच्चों की सहभागिता विशेष रही। समिति के अध्यक्ष रघुनाथ अग्रवाल ने बताया कि बलरामपुर नगर का धार्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन है, जहां अनेक मंदिरों और सरोवरों के कारण इसे “छोटी काशी” कहा जाता है।