गैण्डास बुजुर्ग थाना क्षेत्र में बाइक से गांव में घूमने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक युवक को गांव में घूमने से मना करने पर नाराज पांच लोगों ने अगले ही दिन पूरे परिवार पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। हमले में महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार घटना 26 मई की रात की है। अहिरौला गांव निवासी राजू मौर्या ने गांव में बाइक से घूम रहे मोहम्मद आसिफ खान को रोकते हुए ऐतराज जताया था। आरोप है कि इस बात पर आसिफ धमकी देते हुए वहां से चला गया। इसके बाद अगले दिन सुबह जब राजू मौर्या पिपरा चौराहे पर चाय पीने जा रहा था, तभी मोहम्मद आसिफ खान और उसके परिवार के अन्य लोगों ने रास्ते में उसे घेर लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। बचाने पहुंचे परिजनों को भी नहीं छोड़ा गया। हमले में मीना देवी और धनराज मौर्य को गंभीर चोटें आईं, जबकि अन्य लोग भी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित राजू मौर्या की तहरीर पर गैण्डास बुजुर्ग थाने में हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेंद्र सिंह की निगरानी में थानाध्यक्ष राजीव कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद आसिफ खान, साजिद खान, सलीम उर्फ सालिम अली, वारिस अली और माजिद अली निवासी ग्राम पिपराराम शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पांच लकड़ी और बांस के डंडे भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी आसिफ खान ने पुलिस को बताया कि गांव में रोके जाने से उसे “बेइज्जती” महसूस हुई थी। उसने घर पहुंचकर पूरी बात बताई, जिसके बाद परिवार के लोगों ने रात में ही हमला करने की योजना बना ली। अगले दिन मौका मिलते ही सभी ने मिलकर राजू मौर्या और उसके परिजनों पर हमला कर दिया।