लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े जाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को उतरौला तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रह्लाद यादव और महामंत्री रवि शंकर मिश्र के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार वीरेंद्र प्रताप को सौंपा गया। प्रदर्शन से पहले अधिवक्ता संघ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें लखनऊ की घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई। अध्यक्ष प्रह्लाद यादव और महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने कहा कि अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़ना और उन पर लाठीचार्ज करना न्याय व्यवस्था और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि उतरौला बार एसोसिएशन, लखनऊ बार एसोसिएशन के संघर्ष में पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। ज्ञापन में घायल अधिवक्ताओं को पांच लाख रुपये मुआवजा देने, दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित करने तथा अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की गई। इस दौरान अखिलेश सिंह, मार्कंडेय मिश्र, देवेंद्र कुमार, बृजेश वर्मा, सर्वेश जायसवाल, अखिलेश यादव, मनोज शर्मा, अखिल श्रीवास्तव, चौधरी शमशाद अहमद, सोनू गुप्त, विनय श्रीवास्तव, आशीष, सुमित श्रीवास्तव और ऋषभ श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।