तुलसीपुर/जरवा(बलरामपुर)। चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि पर शक्तिपीठ देवीपाटन में पीर रत्ननाथ जी की पारंपरिक शोभायात्रा का भव्य आगमन हुआ। नेपाल के दांग चौघड़ा से लमही होते हुए पहुंची यात्रा का पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी ने विधि-विधान से स्वागत किया। ‘माँ पाटेश्वरी की जय’ और ‘पीर रत्ननाथ बाबा की जय’ के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं के साथ पहुंची शोभायात्रा नकटी नाले की कुटिया से प्रारंभ होकर मिल चुंगी नाका, पुरानी बाजार चौक, हनुमानगढ़ी चौराहा, लाल चौराहा और हरैया चौराहा होते हुए मंदिर परिसर स्थित समय माता स्थान पहुंची। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। नेपाली पारंपरिक वेशभूषा, लोक नृत्य और वाद्ययंत्र आकर्षण का केंद्र रहे। धार्मिक मान्यता के अनुसार गुरु गोरक्षनाथ के शिष्य रत्ननाथ जी ने देवीपाटन में मां दुर्गा की कठोर तपस्या की थी। तभी से पंचमी से नवमी तक नेपाल से आए पुजारियों द्वारा विशेष पूजा की परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान मंदिर के घंटे-घड़ियाल शांत रहे, केवल पुजारियों के वाद्ययंत्र की ही गूंज रही। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उप जिलाधिकारी राकेश कुमार जयंत, सीओ डॉ. जितेंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह समेत प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मुस्तैद रहे।