बलरामपुर में हरैया सतघरवा क्षेत्र के दूबेपुरवा गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में बृहस्पतिवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य पंडित शिव शंकर तिवारी ने कर्दम ऋषि के अस्तित्व, उनकी तपस्या और भगवान विष्णु के प्रति अटूट भक्ति का वर्णन किया। कर्दम ऋषि की तपस्या और ध्रुव की भक्ति काे सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। प्रवाचक ने कहा कि कर्दम ऋषि महान तपस्वी थे, जिन्होंने वर्षों तक कठिन साधना कर भगवान विष्णु को प्रसन्न किया था। उनकी तपस्या और सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें दर्शन देकर आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि सच्चे मन से भगवान की आराधना करे तो ईश्वर की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। कथा के दौरान ध्रुव जी की अटूट भक्ति तथा सती जी के त्याग और समर्पण का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा पंडाल भगवान के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। इस अवसर पर लाट, रिंकू, अन्नू दुबे, मीना, बिंदु, अनिता, लविश, रीतू, कृपाशंकर, प्रशांत, सत्यम, लल्लन प्रसाद, उदयभान, अज्ञाराम समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।