जिले में गेहूं क्रय केंद्रों का संचालन एक अप्रैल से शुरू हो गया है लेकिन बोरे के अभाव में खरीद पूरी तरह से प्रभावित हुई है। बोरे की कमी के चलते जिले में विभिन्न एजेंसियों के संचालित 51 क्रय केंद्रों पर मात्र तीन किसानों से ही 317.5 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। ऐसे में किसान बिचौलियों को बेचने को मजबूर हो गए हैं। प्रशासन ने बोरे के लिए डिमांड शासन को भेजा है। इधर किसानों को मौसम की मार झेल रहे है, वहीं प्रशासन की कमियों का दंश भी उन्हें झेलना पड़ रहा है। सोमवार को छह दिनों से संचालित क्रय केंद्रों पर अमर उजाला की टीम ने पड़ताल किया तो स्थिति कुछ ऐसी रही।