सीटेट की परीक्षा में मऊ में पकड़ा गया साल्वर नगरा में कोचिंग संस्थान का संचालन करता है। नगरा-गड़वार मार्ग पर संचालित कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। आरोपी उक्त कोचिंग में मैथ पढ़ाता है। यह कोचिंग संस्थान 10 वर्ष से संचालित हो रहा है। नगरा ब्लाक क्षेत्र के पकडीहरखबसंत निवासी सुशील कुमार वर्मा की शादी अभी डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी। उसकी एक छोटी सी बच्ची है। अपने संचालक एवं टीचर की गिरफ्तारी से कोचिंग संस्थान के हर शिक्षक हतप्रभ हैं। सोमवार को कोचिंग संस्थान पर ताला लटका रहा। पकडीहरखबसंत के ग्रामीणों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सुशील घर पर भी गांव के बच्चों को कोचिंग पढ़ाता था। ग्रामवासियों को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि सुशील ऐसे धंधे में लिप्त होगा। हालांकि दबे स्वर लोगों ने बताया कि तीन भाइयों में सुशील सबसे छोटा है। परिवार के लोग भी सुशील के इस कार्य से अनभिज्ञ हैं। ग्रामीणों के अनुसार सुशील ऐसे धंधे में काफी समय से लिप्त था। इससे उसकी मोटी कमाई होती थी। गांव में उसका आलीशान मकान है। अपने कोचिंग संस्थान के प्रचार प्रसार के लिए प्रतियोगी छात्रों को पक्की नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर युवाओं का एडमिशन लेता था। उसके कोचिंग के काफी छात्र नौकरी भी पा चुके हैं। बताया तो यहां तक जा रहा है कि उसका लंबा नेटवर्क है। रविवार को मऊ के एक कालेज में सीटेट की परीक्षा में दूसरे की परीक्षा देते समय में पुलिस ने सुशील कुमार को गिरफ्तार किया है। मऊ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह ने बताया कि आरोपी के हर गतिविधियों की जांच की जा रही है।