अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के निर्देश जिले के सभी घटक संगठनों एवं अन्य कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा टेट अनिवार्यता के विरोध में कैंडिल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने टेट अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। कैंडिल मार्च नगर के रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर से प्रारंभ होकर टाउन चौराहा तक पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए सरकार को चेतावनी दिया। सभी शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई शिक्षक एवं समाज के अस्तित्व की लड़ाई है। जिसे हम सभी हर मोर्चे पर मिलकर लड़ने के लिए संकल्पित हैं। कहा कि टेट अनिवार्यता समाप्ति के लिए हम लोग सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर को टेट अनिवार्यता के लिए लिए दिए गए आदेश पूर्व से स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों एवं परंपराओं के विपरीत है। इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त देश के शिक्षकों एवं उनके परिवारों के साथ नौनिहालों का भी भविष्य एवं अस्तित्व पर संकट आ गया है। उन्होंने मांग किया कि इस तुगलकी आदेश को शिक्षक एवं राष्ट्र हित में निरस्त कराने की दिशा में सार्थक पहल करे।इस मौके पर उपस्थित शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों ने जनपद से अनवरत संघर्ष करते रहने का संकल्प लिया। इस मौके पर समीर पांडेय, अजय सिंह, विनय राय, सतीश सिंह, घनश्याम चौबे, राजेश सिंह, राजेश पांडेय, अविनाश उपाध्याय, सुशील त्रिपाठी, संजीव सिंह, अभिषेक राय, राकेश मौर्य, मलय पांडेय, संजय पांडेय, राजीव गुप्ता आदि रहे।