बलिया शहर के अंदर कूड़ा निस्तारण की समस्या जटिल बनती जा रही है। ऐसे में कूड़ा डंपिंग स्थल एक प्रमुख कारण बना हुआ है। शहर में शनिवार को शास्त्री पार्क पर अमर उजाला फाउडेशन की तरफ से आयोजित संवाद कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नगर पालिका परिषद को इसका स्थाई समाधान खोजना चाहिए। शहर के अंदर कूड़ा होने से प्रदूषण का खतरा बना हुआ है। नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार प्रशासन को केवल पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदार से मुंह नहीं मोड़ सकते हैं। उन्हें जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना होगा। वक्ताओं ने कहा एक सप्ताह से महावीर घाट गंगा मार्ग की तरफ कूड़ा गिराया जा रहा है। साथ ही उसमें आग लगा दी जा रह है। इससे उस क्षेत्र के मानव संग फसलों पर भी असर पड़ने लगा हे। चुपके से नपा कर्मचारी गिराकर आग लगा दे रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि पहले भी शहर के 25 वार्डों से कूड़ा निकलता था लेकिन इस तरह की समस्याएं कभी नहीं आई। नगर पालिका परिषद की उदासीनता के कारण प्रशासन भी इस गंभीर समस्या का हल निकलने में रूचि नहीं दिखा रही है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि डंपिंग स्थल न मिलने के कारण कूड़ा का उठान देर शाम तक हो रहा है। गर्मी का मौसम शुरू होने से कूड़े की बदबू से जीना मुहाल हो गया है। आसपास के घरों के लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। राजेश तिवारी ने बताया कि गंगा मार्ग पर गिराने से आने-जाने वालों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। सिंपू सिंह ने कहा कि नगर पालिका परिषद व प्रशासनिक अधिकारी को मिल बैठकर कोई जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए, जिससे शहर की जनता को लाभ मिल सके। गौरी शंकर यादव ने कहा कि शहर की हालत यह है कि जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए न अधिकारी मिलते है और न ही चेयरमैन। जनता अपनी समस्या तक नहीं कह पा रही है। गोरखनाथ शर्मा ने कहा कि गलियाें का कूड़ा उठ ही नहीं रहा है। सफाई कर्मी मनमानी करते हैं। संजय सिंह ने कहा कि दोपहर बाद तक कूड़ा पड़ा रहता है। इससे राहगिरों को दिक्कत होती है। लोग नाक पर कपड़ा रखकर आवागमन करने को बाध्य है। इस मौके पर गनेशु उपाध्याय, शशिकांत यादव, कृपा शंकर, सर्वजीत यादव, सुभाष यादव, राजीव सिंह, झब्बू मिश्र, बिकाऊ, मुन्ना, राजू गुप्ता आदि मौजूद थे।