यूपी सरकार के केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने महिला बिल के मामले पर अखिलेश यादव के बयान पर कराया जबाब दिया। कहा कि हम लोग 24 साल से महिलाओं के आरक्षण की बात कर रहे हैं, क्योंकि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में बराबरी का अधिकार दिया है और लंबे समय से महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने की बात सिर्फ चर्चा में बन कर रही है। वे बुधवार को बेल्थरारोड में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के बाद बोल रहे थे। कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री के प्रयास से 16,17,18 तीन दिन का डेट सदन को चलाने के लिए लोकसभा को निर्धारित किया गया है। विपक्ष को चाहिए सदन में हिस्सा लेकर के अपनी बात को कहना चाहिए। लोकसभा की सीटें बढ़ रही है विधानसभा की सीटें आरक्षण के हिसाब से बढ़ रही है। जो लोग विरोध कर रहे हैं वह महिला विरोधी है। वह नहीं चाहते कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिले। अखिलेश महिला विरोधी हैं के सवाल पर कहा कि निश्चित महिला विरोधी हैं। जब वह अपनी पत्नी की सुरक्षा के सवाल पर जब एक मौलाना ने बोला, तब उसे पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। उसी से समझ सकते हैं कि महिलाओं के प्रति कितने संवेदनशील है। नोएडा हिंसा के सवाल पर कहा कि देखिए नोएडा के कुछ उपद्रवी ऐसे हैं जो हमेशा सरकार को बदनाम करने की साज़िश रचते हैं। जब प्रमुख सचिव वित्त ने रात को प्रेस वार्ता करके बता दिया कि जो आपकी डिमांड है तनख्वाह बढ़ाने की, 13 हजार से बढ़ाकर के 16 हजार 500 कर दिया। उसके बाद भी कुछ लोग उपद्रव कर रहे हैं। वह विपक्ष के लोग हैं समाजवादी पार्टी के नेता होंगे कांग्रेस के नेता होंगे और कौन नेता होंगे। जांच बैठ गई है, कार्रवाई हो रही है।