बलिया जिले में विद्युत उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए बिजली विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बन गया है। हर महीने बिल जमा करने के बावजूद गलत तरीके से भारी भरकम बकाया का बिल दिखा कर कनेक्शन स्मार्ट मीटर से स्वतः ही कट जा रहा है। परेशान उपभोक्ता अपनी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। बेपरवाह विभागीय अधिकारी प्रकरण को दिखा लेने का आश्वासन देकर उपभोक्ताओं को टरका रहे हैं। स्मार्ट मीटर से उत्पन्न समस्या को लेकर दर्जनों बिजली उपभोक्ता मंगलवार को उपखंड कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां त्वरित कार्रवाई की जगह एसडीओ ने आश्वासन की घुट्टी पिला दी। बैरिया निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि कुछ माह पहले उनके यहां स्मार्ट मीटर लगाया गया था। पहले महीने में 1704 का बिल आया। दूसरे महीने में 1508 रुपए का बिल आया। तीसरे महीने में भी 1508 रुपए से कम का बिल आया। पिछले महीने 60 हजार रुपए का बिल आ गया। इस महीने एक लाख रुपए का बिल आ गया। जिसके बाद मेरी लाइट कट गई है। करमानपुर निवासी भरत पासवान ने बताया कि मेरे यहां जनवरी महीने में स्मार्ट मीटर लगा था। लाइट फैन का हमने कनेक्शन लिया है। 60 हजार रुपये का बिल आया था। मैंने जमा कर दिया था, फिर एक लाख रुपए का बिल आ गया है। गोविंदपुर की प्रभावती देवी उपाध्याय, मंतोष गुप्ता, दुर्जनपुर की विमला देवी पत्नी राजकुमार प्रजापति सहित सैकड़ो उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से उत्पन्न समस्या को लेकर एसडीओ कार्यालय पर जमा हुए थे। जिनका कहना था कि पैसा जमा करने के बावजूद स्मार्ट मीटर से गलत बिल आ रहा है। बकाया बिल दिखाकर बिजली काट दी जा रही है। ऐसे में कैसे हम लोग इस गर्मी के मौसम में रहेंगे, समझ में नहीं आ रहा है। विभाग के कर्मचारी यह समझने में लगे हुए हैं कि जो पुराने मीटर में मीटर रीडिंग था, उसमें से कम रीडिंग का बिल बनकर भुगतान होते गया है। वहीं स्टोर हुआ मीटर रीडिंग बकाया स्टोर होता गया है। वह सब इसमें जोड़कर आ जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि हम लोगों की इसमें क्या गलती है? जितना बिल आता था हम लोग भुगतान करते चले गए। अब मीटर रीडिंग स्टोर दिखाकर एक साथ भारी भरकम धनराशि बकाया दिखाना विभागीय कर्मचारियों की गलती है। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने कहा कि इसका समाधान होना चाहिए।