बलिया जिले के बैरिया तहसील में अंशकालिक कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ हुए विवाद के बाद तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्र, महामंत्री राजकुमार तिवारी समेत चार अधिवक्ताओं और कुछ अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। तहसील भवन में हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने बैरिया तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर का चक्रमण किया। वक्ताओं ने बैरिया तहसील को जनपद की सबसे भ्रष्ट तहसील बताते हुए आरोप लगाया कि यहां बिना पैसे कोई सरकारी कार्य नहीं होता। अधिवक्ताओं का आरोप था कि राजस्व निरीक्षक, बाबू, लेखपाल से लेकर नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम स्तर तक न्यायिक एवं राजस्व कार्यों में धन की मांग की जाती है, जिससे वादकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम संजय कुशवाहा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने तथा दागी संविदाकर्मियों की सेवा तत्काल समाप्त करने की मांग की। साथ ही जिलाधिकारी पर भी अधिवक्ताओं की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनपद की सभी तहसीलों और कलेक्ट्रेट में तालाबंदी की जाएगी तथा जिला प्रशासन के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को बलिया कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन की बैठक में जिले की सभी तहसीलों के बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल होकर आगे की रणनीति तय करेंगे। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।