कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रमोशन कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी स्तर पर ध्यान न दिए जाने के कारण उन्हें नियोक्ताओं की कई अनुचित श्रम प्रथाओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कर्मचारियों का जबरन स्थानांतरण किया जा रहा है, बिना कारण काम रोका जा रहा है और कई मामलों में उन्हें नौकरी से निकाल भी दिया जाता है। इसके अलावा वेतन और यात्रा भत्ते का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि इससे उनका आर्थिक और मानसिक शोषण हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि बिक्री संवर्धन कर्मचारी अधिनियम 1976 और अन्य श्रम कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही न्यूनतम वेतन तय करने, बोनस भुगतान सुनिश्चित करने और 8 घंटे कार्य दिवस लागू करने की भी बात कही गई है। कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी कि अस्पतालों में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के काम पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाए और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। इस मौके पर अध्यक्ष रामजी पाठक, अविनाश त्रिपाठी, अमरेश कुमार, मधुकर सक्सेना, गोपाल पाठक, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, कृष्णा, पवन वर्मा, अजय यादव आदि मौजूद रहे।