सावन माह की कावड़ यात्रा में अद्भुत नजारे देखने को मिल रहे हैं। शिव भक्त कावड़िए तीर्थनगरी हरिद्वार से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए अपनी कांवड़ में पवित्र गंगा जल भरकर ला रहे हैं। इसी कड़ी में बड़ौत-बुढ़ाना कांवड़ मार्ग से शिवभक्त कावड़िया 'कलयुग के श्रवण' कुमार के रूप में भड़ल गांव में पहुंचे हैं। जिन्होंने पालकी कांवड़ में एक तरफ अपनी है। 70 वर्षीय बुजुर्ग दादी को कांवड़ के पलड़े में बैठाया हुआ है और दूसरी तरफ उसके वजन के बराबर गंगाजल रखकर अपनी मंजिल की और बढ़ रहे हैं। वहीं इस श्रवण कुमार की कावड़ को देखकर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है।