बागपत जनपद के दोघट क्षेत्र में टीकरी कस्बे के जंगल में चौगामा नहर का दोघट माइनर की पटरी टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने टूटी नहर पटरी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पानी नहीं रोक पाए। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग ने पानी बंद कराया। हथनी कुंड बैराज से गंग नहर में छोड़ा गया पानी चौगामा नहर आ रहा है। टीकरी कस्बे के जंगल में सोमवार रात से चौगामा नहर की पटरी टूटकर किसानों की सैकड़ो बीघा गन्ने व ज्वार की फसल डूब गई। सूचना मिलने पर किसान मौके पहुंचकर देखा कि नहर का पानी खेतों में भर रहा है। कस्बे के किसान राहुल राठी,नवीन, प्रकाश,सुधीर,सनी, याशु आदि एकत्र होकर मिट्टी के कट्टे भरकर टूटी नहर पटरी को रोकने का प्रयास किया,लेकिन पानी नहीं रुक पाया। सुधीर राठी,जसबीर, राहुल,सत्यवीर, कुलदीप,प्रकाशचंद, दीपक,राकेश,रघुनाथ,सुभाष,धर्मेंद्र,रमेश आदि किसानों की करीब सौ बीघा गन्ने ज्वार की फसल जलमग्न हो गई। जानकारी होने पर टीकरी चेयरमैन प्रतिनिधि उपेंद्र राठी ने सिंचाई विभाग बागपत के अधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद नहर का पानी रोका गया। जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। किसानों ने फसलों के मुवावजे की मांग की। वहीं इस संबंध में सिंचाई विभाग बागपत एक्शन विवेक कुमार ने बताया कि चौगामा नहर का पानी रोक दिया गया। नहर की टूटी पटरी की जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।